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10 Lines on Lalach Buri Bala Hai (लालच बुरी बला है 10 लाइन)

10 Lines on Lalach Buri Bala Hai : यहाँ पर निबंध/लेख के लिए लालच बुरी बला है विषय पर 10 लाइन दी गई हैं, जिन्हें आप किसी भी परीक्षा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

10 Lines on Lalach Buri Bala Hai

#1. संसार की भौतिक वस्तुओं का लालच नहीं करना चाहिए। लालच ही बुराइयों का मूल कारण है। एक लालची व्यक्ति महिलाओं को मार सकता है, हत्या कर सकता है, अपहरण कर सकता है और बलात्कार कर सकता है, अगर उसे उन अपराधों को करने के लिए पैसे दिए जाएं।

#2. लालच व्यक्ति को दुनिया के सबसे जघन्य अपराध करने के लिए प्रेरित कर सकता है। लालची व्यक्ति अपने पास जो है उससे कभी संतुष्ट नहीं होता। यदि उसके पास एक कार है, तो वह दूसरी की कामना करता है और यदि उसके पास दो नौकर हैं, तो वह चाहता है कि तीन नौकर उसकी जरूरतों को पूरा करें।

#3. एक लालची व्यक्ति पृथ्वी पर सभी भौतिक सुखों को प्राप्त करने के बावजूद कभी संतुष्ट नहीं होता है। लालची व्यक्ति की जरूरतें असीमित होती हैं। वह दूसरों की जरूरतों की परवाह नहीं करता है, लेकिन चाहता है कि दूसरे उसकी सभी जरूरतों को पूरा करें।

#4. दुनिया में बहुत से धनी लोग हैं, जिन्हें गरीबों की दुर्दशा से बिल्कुल भी सहानुभूति नहीं है। वे चाहते हैं कि नौकर दिन-रात उनकी सेवा करें, लेकिन जब उनके नौकर काम के अधिक बोझ के कारण कुछ दिन का आराम चाहते हैं तो वे नाराज हो जाते हैं।

#5. लालच इंसान को शैतान बना देता है। इंसान हर तरह के गलत कामों को सही समझकर करने लगता है। कई लालची राजनेता अपने निहित स्वार्थों के लिए देश की संपत्ति को चुरा लेते हैं और अपने काले कामों के कारण बदनाम हो जाते हैं।

10 Lines on Lalach Buri Bala Hai
10 Lines on Lalach Buri Bala Hai

#6. लालच की वजह से इंसान की इंसानियत मिट जाती है वो जानवरों की तरह व्यवहार करने लगता है। अगर किसी को थोड़ी बहुत लालच करने की आदत होगी तो भी कुछ समय बाद वो बढ़ जाएगी और तब वो इंसान बुरे काम करने से पीछे नही हटेगा, जिसके परिणाम बहुत बुरे होते हैं। इसलिए हमें लालच से बच के रहना चाहिए।

#7. किसी का भी लालच ज्यादा समय तक नहीं टिक पाता एक ना एक दिन उस लालच का दुष्परिणाम उस व्यक्ति को भुगतना ही पड़ता है। इसलिए हमें सदैव लालच करने से बचना चाहिये। अगर हम किसी लालच के जाल में फँस भी गये हैं तो समय रहते उससे बाहर आ जाना चाहिए। अगर हम समय रहते लालच की प्रवृत्ति को त्याग देंगे तो हम लालच के दुष्परिणाम से बच भी सकते हैं।

#8. लालची व्यक्ति को हमेशा अपनी ही फ़िक्र रहती है उसे दूसरों के सुख-दुःख से कोई मतलब नही होता। अगर किसी को अचानक लालची व्यक्ति से कुछ ज़रूरत आन पड़े तो लालची व्यक्ति कभी भी दूसरों की मदद नही करता बल्कि पहले अपना फ़ायदा देखता है। अगर उसको फ़ायदा दिखेगा तो मदद करेगा नही तो नही करेगा।

#9. लालच करने से लोग दूसरों की नज़रों में गिर जाते हैं। लालची व्यक्ति अपने परिवार और दोस्त का भी भरोसा खो देता है। इसलिए कहा जाता है कि लालच बुरी बला है इससे बच कर रहना चाहिए। इससे इंसान का मान-सम्मान, समाज में प्रतिष्ठा धूमिल हो जाती है।

#10. लालची व्यक्ति को अपने बुरे कर्मों का कठोर परिणाम भुगतना पड़ता है, क्योंकि ‘लालच बुरी बला है’ और इसमें कोई संदेह नहीं है।

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