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Work From Home की वजह से 66% भारतीयों को कम से कम एक बार डेटा चोरी साइबर क्राइम का सामना करना पड़ा

कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण सभी कंपनियों को अपने Work From Home की परमीशन देनी पड़ी, इसी वजह से सभी को अब साइबर जोखिमों के प्रति सजग होना पड़ा। बाराकुडा नेटवर्क्स के एक वैश्विक सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 66% भारतीय संगठनों को रिमोट वर्किंग मॉडल में शिफ्ट होने के बाद कम से कम एक डेटा ब्रीच का सामना करना पड़ा है।

Work From Home

सर्वेक्षण में भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और हांगकांग के 1,000 से अधिक निर्णयकर्ता शामिल थे।

रिपोर्ट में दिखाया गया है कि भारत से भाग लेने वाले संगठनों के 67% कर्मचारियों ने ईमेल फ़िशिंग हमलों में वृद्धि को देखा है, जबकि 64% संगठनों ने अगले महीने में साइबर हमले की उम्मीद की और 70% अज्ञात खतरों से सावधान हैं जो अगले 6 महीनों में व्यापार को बाधित कर सकते हैं।

इसके अलावा, यह पाया गया कि 53% भारत के संगठनों के पास अद्यतन साइबर सुरक्षा रणनीति नहीं है और इसमें शिथिलता के कारण उजागर हुई कमजोरियों को दूर करने के लिए समाधानों का भी अभाव है।

रिपोर्ट में कहा गया है - तथ्य यह है कि कंपनियाँ 79% कर्मचारियों को व्यक्तिगत ईमेल पते का उपयोग करने की अनुमति देती हैं। आधिकारिक कार्यों के लिए व्यक्तिगत डिवाइस इस मामलों को और बदतर बनाता है और हमले के जोखिम को बढ़ाता है।

सुरक्षित सुरक्षा सिस्टम को बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन Work From Home का समर्थन करने के लिए के लिए इसको अनदेखा कर दिया जाता है। घर से काम करने वाले अधिक कर्मचारियों का मतलब है कि सुरक्षित कॉर्पोरेट नेटवर्क के बाहर अधिक डिवाइस दूरस्थ रूप से कनेक्ट हो रहे हैं। बाराकुडा नेटवर्क्स के कंट्री मैनेजर भारत मुरली उर्स ने एक बयान में कहा कि यह समझें कि रिमोट से काम करने वाले डेटा किस तेजी से नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं।

उर्स बताते हैं, संगठनों को इसे अधिक प्रभावी और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए 'नए सामान्य' को फिर से तैयार करना होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में महामारी नियंत्रण के बाद लगभग 92% संगठनों को लचीला और हाइब्रिड कार्यस्थल मॉडल जारी रखने का इरादा है।

भारतीय संगठनों के बीच 78% को लगता है कि दूरस्थ कार्य मॉडल में बदलाव के बाद व्यावसायिक उत्पादकता में सुधार हुआ है। इसके अलावा 89% का मानना है कि वे पारंपरिक व्यापार मॉडल पर बोझ को कम करने के लिए अगले छह महीनों में डिजिटल परिवर्तन को गति देना चाहते हैं।

लगभग 83% ने पहले से ही पूरी तरह से क्लाउड पर व्यापार डेटा को स्थानांतरित करने की अपनी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया है।

इस रीसर्च से ये सच सामने आया की भारत में जो भी कंपनियाँ work from home से अपना काम करवा रही हैं, उनके 66% कर्मचारियों ने कम से कम एक बार किसी ना किसी तरह के साइबर क्राइम का सामना किया है।

भारत में साइबर सिक्योरिटी कितनी खराब हालत में है इस कोरोना महामारी में ये भी पता चल चुका है। कंपनियाँ अपने network को secure करने के लिए advance टेक्नोलॉजी का उपयोग नही कर रही है।

हालाँकि अब सुधार देखने को मिलने लगा है, क्योंकि work from home से कंपनियों की बचत भी होती है, जिससे वो अब आगे भी इसे जारी रखने पर विचार कर रही हैं।

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