किसान के तीन बेटे और छड़ी का एक बंडल हिंदी कहानी / एकता में ही बल है – Moral Stories in Hindi

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kisan ke 3 bete - moral stories in hindi
kisan ke 3 bete - moral stories in hindi

स्वागत है दोस्तो! आज HinduAlert में हम आपके लिए लेकर आए हैं किसान के तीन बेटों और छड़ी के बंडल की Hindi Kahani यह एक moral stories in hindi है। इसमें आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इस कहानी में आपको सीखने को मिलेगा की एकता में ही बल है।

एकता में ही बल है – Moral Stories in Hindi // Hindi Kahani

एक बार की बात है, एक गाँव में एक बूढ़ा किसान व्यक्ति रहता था। उसके तीन बेटे थे। तीनों बेटे बहुत मेहनती थे। फिर भी, उन तीनों के बीच हमेशा झगड़ा होता रहता था। बूढ़ा किसान उनके झगड़ों से परेशान हो चुका है।

किसान हमेशा अपने तीनों बेटों को समझाने की कोशिश करता और उन्हें एकजुट करने की बहुत कोशिश करता, लेकिन हमेशा वह अपनी कोशिश में असफल रहता। गाँव के पड़ोसी किसान के तीनों बेटों के मेहनत की तारीफ करते थे। लेकिन पड़ोसी उनके रोज-रोज के झगडों से परेशान भी होते थे और उनका मजाक उड़ाते थे।

ऐसे ही समय गुज़रता गया और कई साल बीत गए। कुछ समय बाद बूढ़ा किसान बीमार पड़ गया। बूढ़ा किसान अब भी अपने बेटों को समझाने की कोशिश करता रहा लेकिन उसके बेटों ने उसकी एक नही सुनी।

kisan ke 3 bete - moral stories in hindi
kisan ke 3 bete – moral stories in hindi

आप HinduAlert में पढ़ रहे हैं moral stories in hindi यह एक Motivational Story in Hindi है, जिसमें किसान अपने झगड़ालू बेटों को कई कोशिशों के बाद समझाने में सफल होता है।

किसान अब समझ चुका था की वह ज़्यादा दिनों तक अब ज़िंदा नही रहेगा। इसलिए उसने अपने बेटों को समझाने और उनको एकजुट करने के बारे में सोचा और प्लान करने लगा। 

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बूढ़ा किसान के दिमाग में आया की वह अपने तीनों बेटों को अब एक व्यावहारिक सबक सिखाना चाहिए। ताकि उसके तीनों बेटे अपने मतभेदों को भूलकर एकजुट हो जाएँ।

Moral Stories in Hindi // हिंदी कहानी – Hindi Kahani

बूढ़े किसान ने अपने तीनों बेटों को बुलाया। उसने अपने बेटों से कहा – मैं तुम्हें लकड़ी का बंडल दूंगा। इस बंडल की प्रत्येक लकड़ी को अलग-अलग करके प्रत्येक लकड़ी को एक एक करके तोड़ना है। तुम तीनों में से जो सबसे पहले लकड़ी तोड़ लेगा उसे पुरस्कृत किया जाएगा। बेटे राजी हो गए।

बूढ़े व्यक्ति ने अपने तीनों बेटों में से प्रत्येक को 10-10 लकड़ी वाले एक-एक बंडल दिया और प्रत्येक लकड़ी को दो टुकड़ों में तोड़ने के लिए कहा।

किसान के तीनों बेटों ने अपने अपने लकड़ी के बंडल की हर लकड़ी को मिनटों में ही दो टुकड़ों में तोड़ दिया। लकड़ी को तोड़ने के बाद फिर से आपस में झगड़ने लगे कि पहले कौन आया।

बूढ़े किसान ने कहा – मेरे प्यारे बेटो, अभी खेल खत्म नहीं हुआ है। अब मैं तुम लोगों को लकड़ी का एक और बंडल दूंगा। तुम तीनों को इस बंडल को तोड़ना है, जो इसे तोड़ पाएगा उसे पुरस्कृत किया जाएगा।

लेकिन इस बार तुम लोगों को लकड़ी के बंडल से लकड़ी अलग अलग नही करनी बल्कि एक बंडल की लकड़ी को एक साथ तोड़ना है।

बेटों ने सहमति जताई और लकड़ी के बंडल को तोड़ने की कोशिश करने लगे। बहुत कोशिश करने के बाद भी तीनों में से कोई भी उस लकड़ी के बंडल को नही तोड़ पाया। वे लकड़ी के बंडल को एक साथ तोड़ने में विफल रहे। बूढा किसान यह सब देख रहा था।

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Kisan ki kahani : कुछ देर बाद बूढ़े किसान ने अपने बेटों को कहा – मेरे बेटो, देखो तुम लोगों ने एक एक लकड़ी को तो आसानी से तोड़ पाए, लेकिन उसी लकड़ी के बंडल को नही तोड़ सके।

फिर किसान ने अपने बेटों से कहा की – लकड़ी की तरह ही अगर तुम तीनों अलग अलग रहोगे तो कोई भी तुम्हें नुक़सान पहुँचा सकता है। लेकिन अगर तुम तीनों एक जुट होकर एक साथ रहोगे तो कोई भी तुम में से किसी को कोई हानि नही पहुँचा पाएगा।

अगर तुम तीनों आपस में झगड़ा करते रहे तो कोई भी तुम्हें आसानी से हरा सकता है। इसलिए मेरी बात मान लो और आज से आपस में मतभेद भुला कर लड़ाई-झगड़ा बंद करो और प्रेम से एकजुट होकर रहो। ताकि कोई तुम्हें नुक़सान ना पहुँचा पाए।

Moral Stories in Hindi

तीनों बेटों ने अपने पिता की कही बात को समझी और उन्होंने एकता की ताकत को पहचाना। फिर तीनों ने बूढ़े किसान पिता से वादा किया कि अब चाहे कुछ भी हो, वे तीनों अब हमेशा साथ रहेंगे और लड़ाई झगड़ा नही करेंगे।

Moral of Story in Hindi : इस हिंदी कहानी में आपको सीखने को मिला की एकता में ही बल है। व्यहारिक रूप से भी सोचें तो जब किसी समस्या को हल करने की बात आती है, तो एक समूह के रूप में हम उसे बहुत जल्दी हल कर सकते हैं।

लेकिन अगर हम अलग अलग होकर किसी एक समस्या को हल करने का प्रयास करेंगे तो बहुत ज़्यादा समय लगता है साथ में ये भी नही सोचना चाहिए की अकेले हम किसी समस्या को हल कर पाएँगे। इसलिए हमें अपने परिवार और समाज की एकता के बारे में सोचना चाहिए।

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एकता ही एक ऐसी ताक़त है जिसके दम पर इंसान कुछ भी कर सकता है। यह भी ध्यान देना ज़रूरी है की किसी समस्या को हल करने के लिए बहस करने की बजाय उस बाधा को हल करने पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है।

इंसान का अस्तित्व एक समूह के रूप में ही मायने रखता है। अगर आप अकेले हो जाएँगे तो सोचें आपकी ज़िंदगी कैसी होगी। इसलिए हमें एकता और भाईचारे की शक्ति को समझना चाहिए।

एक देश के रूप में भी हमें एकता और भाईचारा बनाए रखना चाहिए। तभी देश की प्रगति होगी, अगर हम आपस में लड़ते रहे तो देश आगे नही बढ़ पाएगा।