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Jadui Kahaniya [Top 50] | टॉप 50 जादुई कहानियाँ | Magical Stories in Hindi

जादुई पेंसिल की कहानी – Magical Pencil Jadui Kahaniya

एक गाँव में गरीब परिवार रहता था। उस परिवार में सिर्फ़ मोनू और उसके माता-पिता था। मोनू 8वीं कक्षा में पढ़ाई करता था, उसे चित्र बनाने का बहुत शौक़ था। लेकिन गरीब होने की वजह से उसके पास चित्र बनाने के लिए समान (जैसे – नोटबुक, पेंसिल, कलर) नही ले सकता था। इसलिए वो अपने घर की दीवार और आँगन में ही चित्र बनाता वो मिटा देता।

उसके चित्र इतने मोहक थे की गाँव के सब लोग पसंद करते थे। एक दिन मोनू चित्र बनाने के समान के बारे में सोच कर उदास बैठा था। तभी उसके घर में एक बूढ़े बाबा आते हैं और मोनू को बुलाकर उसे जादुई पेंसिल और नोटबुक देते हुए कहते हैं – ‘मोनू ये एक जादुई पेंसिल है। इस पेंसिल से तुम जो भी चित्र बनाओगे वो असली रूप में नोटबुक से बाहर आ जाएगा। एक बात का ध्यान रखना कि कभी लालच की वजह से चित्र मत बनाना। इस जादुई पेंसिल से ऐसे चित्र बनाना ताकि गाँव के ग़रीबों का भला हो सके। अगर तुम लालच बस इस जादुई पेंसिल का इस्तेमाल करोगे तो ये उसी वक़्त ग़ायब हो जाएगी।’ इतना कह कर वो बाबा वहाँ से चले जाते हैं।

फिर मोनू सबसे पहले नोटबुक में एक कटोरी में रखे रसगुल्ले का चित्र बनाता है। कुछ ही पल में एक कटोरी रसगुल्ला नोटबुक से निकल कर असली रूप में आ जाता है, जिसको मोनू खा लेता है। फिर वो अपने लिए और अपने माता-पिता के लिए बढ़िया खाना और कपड़ों और बाक़ी ज़रूरत के समान का चित्र बनाता है। और जब शाम को खेत से उसके माता-पिता आते हैं तो मोनू उनको सब कुछ बताता है।

अपनी ज़रूरत पूरी करने के बाद मोनू गाँव वालों की ज़रूरतें पूरी करने लगा और उनकी समस्याओं को सॉल्व करने लगा। इस तरह धीरे-धीरे उसकी जादुई पेंसिल की चर्चा चारों-तरफ़ होने लगी और यह बात राजा को पता चली।

राजा ने अपने सिपाहियों को भेज कर मोनू को राज दरबार में बुलाया और अपने लिए हीरों का सिंघासन बनने के लिए मोनू से कहा। लेकिन मोनू ने साफ़ मना कर दिया और राजा से कहा – राजा जी! ये पेंसिल मुझे ग़रीबों की मदद के लिए मिली है, अगर मैं लालच की वजह से आपके लिए सोने का सिंघासन बना दूँगा तो ये ग़ायब हो जाएगी।

इतना सुन कर राजा को ग़ुस्सा आता है और वो मोनू से पेंसिल छीन कर खुद अपने लिए चित्र बनाता है, लेकिन वो चित्र कुछ पल में ग़ायब हो जाता है। फिर राजा ने मोनू से कहा – मेरे लिए चित्र बनाओ नही तो तुम्हें कालकोठरी में डाल दूँगा।

इतना सुन कर मोनू सोचने लगता है क्या करूँ? फिर वो उस बाबा का चित्र बनाता है, जो उसे यह जादुई पेंसिल देकर गया था। बाबा दरबार में आकर राजा से सब बात बताता है और मोनू को छोड़ने के लिए बोलता है। राजा को भी समझाता है की मोनू को यह जादुई पेंसिल नेक काम करने के लिए मिली है, स्वार्थी बनने के लिए नही। फिर राजा मोनू को छोड़ देता है और उसके बाद मोनू ग़रीबों की सेवा में लगा रहता है।

इस जादुई पेंसिल हिंदी कहानी (Magical Pencil Hindi Story) से हमें सीख मिलती है कि – किसी भी परिस्थिति में हमें स्वार्थी नही होना चाहिए। अगर हम दूसरों के साथ अच्छा करेंगे तो भगवान भी हमारी मदद करेगा।

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