Greedy Story

किसान और उसका लालची बेटा – Lalach Buri Bala Hai Kahani

किसान और उसका लालची बेटालालच बुरी बला नई हिंदी कहानी (Lalach Buri Bala Hindi Story)

बहुत समय पहले एक गाँव में एक किसान अपनी फसल की वजह से बहुत परेशान था। उस गाँव में सभी किसानों की फसल अच्छी होती थी, लेकिन उस बेचारे किसान की फसल हमेशा ख़राब हो जाती थी।

उसके पास इतना पैसा ही नही बचता था कि वो अच्छे बीज और खेती के लिए नई मशीन ख़रीद सके। क्योंकि कई सालों से उसकी खेती सही नही हो रही थी। एक दिन शाम ढलने को आई तो किसान परेशानी की वजह से अपने घर ना जाके वही खेत के पास सो गया। अगले दिन जब उसकी नींद खुली तो अपने खेत में काम करने लगता है इसी बीच उसे खेत में एक साँप नज़र आता है।

साँप को देख कर वो सोचने लगता है कि शायद ये इस खेत का देवता है और मैंने इसकी पूजा नही की इसीलिए मेरी फसल हर बार ख़राब हो जाती है। अब मैंने इसकी रोज़ पूजा करूँगा और दूध दूँगा। इतना सोच कर वो अपने घर जाता है और नहा-धोकर खाना खाके एक कटोरी दूध लेकर खेत आता है और साँप के बिल के पास रख कर कहता है – ये साँप देवता मुझे छमा करें, मैं आज तक आपनी पूजा नही की, अब ये दूध ग्रहण करें और मुझे माफ़ कर दें। फिर दूध वाली कटोरी वही रख कर वो अपने काम पर लग जाता है।

Kisan Aur Uska Lalachi Beta lalach Buri bala kahani
Kisan Aur Uska Lalachi Beta lalach Buri bala kahani

अगले दिन जब किसान फिर साँप के लिए के कटोरी दूध लेकर बिल के पास आता है, तो देखता है कि बिल के पास एक कटोरी में सोने के सिक्के रखे हुए हैं। ऐसे ही रोज़ होने लगा। किसान के पास बहुत सारा सोना हो गया इससे वो अपनी ज़िंदगी आराम से बिता सकता था।

एक दिन किसान का बेटा खेत आया और अपने पिता को साँप को दूध पिलाते देख बोला – पिता जी ये आप क्या कर रहे हैं। फिर उसके पिता ने सारी बात बताई। सब सुन कर किसान का बेटा भी रोज़ साँप को दूध पिलाने लगा जिससे खुश होकर साँप उसको भी सोने के सिक्के देने लगा।

एक दिन किसान के बेटे ने लालच बस सोचा ये साँप हमें रोज़ एक सोने का सिक्का देता है, इसके पास बहुत सारे सिक्के होंगे क्यों ना इसे मार कर वो सब एक ही दिन में ले लिया जाए। फिर एक दिन मौक़ा पाकर खेत में पिता के ना होने पर वो साँप को दूध पीते समय डंडे से मारता है इससे साँप उसको काट लेता है और वो लड़का कुछ देर में मर जाता है। साँप भी घायल अवस्था में वहाँ से चला जाता है और फिर कभी वापस नही आता। किसान ने अपने बेटे का वही अंतिम संस्कार कर दिया। अब ना तो उसके पास बेटा बचा और ना ही सोने के सिक्के देने वाला साँप।

इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि – लालच नही करनी चाहिए। जितना हमारे पास है उसी में खुश रहना चाहिए। क्योंकि Lalach Buri Bala Hai.

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