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मूर्ख मित्र – Panchtantra Ki kahani | पंचतंत्र की कहानी | Kahani |Moorkh Bandar Ki Kahani

Kahani – Moorkh Bandar – Panchtantra Ki Kahani : स्वागत है दोस्तो! आज हम आपको एक मूर्ख मित्र पंचतंत्र की कहानी बताने वाले हैं, जिससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। आइए कहानी शुरू करते हैं :

Moorkh Bandar – Panchtantra Ki Kahani

एक समय की बात है, एक राज्य में राजा के राजमहल में एक टोनी नाम का बन्दर सेवक के रुप में रह कर काम करता था। टोनी बंदर उस राजा का बहुत ही विश्वसनीय कर्मचारी था और उस राजा का अंधभक्त भी था। उस राज्य में वह बंदर कहीं भी आ जा सकता था।

एक रात वह राजा गहरी नीद में सो रहा था, और टोनी बंदर उस राजा को पंखा से हवा दे रहा था। टोनी बंदर देखता है की एक मक्खी बार बार राजा के ऊपर बैठ रही है, और पंखा से हवा करने पर भी वह नही भाग रही थी। जितनी बार वह मक्खी को भगाता वह फिर से वापस आकर राजा के ऊपर बैठ जाती थी।

Moorkh Bandar - Panchtantra Ki Kahani
Moorkh Bandar – Panchtantra Ki Kahani

इससे टोनी बंदर को बहुत ग़ुस्सा आया और उस ग़ुस्से में उस बंदर ने राजा को पंखा से हवा करना छोड़ कर एक तलवार लेकर आ गया। अब वह कहता है की इस बार मक्खी जैसे ही राजा के ऊपर बैठेगी वह उस तलवार से मक्खी को मार देगा।

जैसे ही मक्खी सोते हुए राजा के ऊपर बैठी तो वह बंदर उस तलवार से मक्खी के ऊपर प्रहार कर देता है। बंदर के तलवार से वार करते ही मक्खी तो उड़ जाती है लेकिन राजा तलवार लगने से ख़ून से लथ-पथ हो गया और कुछ देर में उसकी मृत्यु हो गई। 

Moral of Kahani : इस कहानी से हमें सीख मिलती है की एक मूर्ख मित्र से बढ़िया है कोई दोस्त ही ना हो।

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