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Panchtantra ki Kahaniyan [Top 100] | पंचतंत्र की कहानियां हिंदी में

पंचतंत्र की कहानियां हिंदी में (Panchtantra Stories in Hindi)

केकड़ा और सारस की पंचतंत्र कहानी हिंदी में ॰ Panchatantra Stories in Hindi – Crab and Crane

मूचा राजा को नया साथी मिल जाता है पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ Panchatantra Stories in Hindi – Moocha Raja Finds His Soulmate

लल्लू मगरमच्छ पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ Panchatantra Stories in Hindi – Lallu The Crocodile

कौवा और साँप पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ Panchatantra Stories in Hindi – The Crow and The Serpent

बुनकर और राजकुमारी पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ Panchatantra Stories in Hindi – The Weaver and The Princess

हिरन की भूमिगत गुफा और नीलगाय (Deer Underground Cave Panchatantra Hindi Story)

बुनकर युद्ध में जाता है पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ Weaver Goes to War – Panchatantra Stories in Hindi

एक साहसी योजना पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ A Daring Plan – Panchatantra Stories in Hindi

तीन वादे पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ Three Promises – Panchatantra Stories in Hindi

शेर और खरगोश की पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ The lion and the hare – Panchatantra Stories in Hindi

बातूनी कछुआ पंचतंत्र की कहानी ॰ Talkative Turtle – Panchatantra Stories in Hindi

4 दोस्त पंचतंत्र की कहानी हिंदी में ॰ Four Friend – Panchatantra Stories in Hindi

बहादुर ही सफल होते हैं – सिल्वा सियार और ड्रम | पंचतंत्र की कहानी | Panchatantra ki Kahani

दूसरे के काम में हस्तक्षेप ना करें – शैतान बंदर और मंदिर निर्माण की लकड़ी | पंचतंत्र की कहानी | Panchatantra ki Kahani

पंचतंत्र की कहानी मित्रभेद – Panchtantra Ki Kahani – लालची घसीटा राम, उसका घोड़ा तेजा

कहानी (Kahani) : चाँद पर खरगोश का निशान, दानवीर खरगोश हिंदी कहानी एक जातक कथा (Chaand Par Khargosh ka nishan, Daanveer Khargosh Hindi Kahani – Jataka Katha)

मूर्ख मित्र – Panchtantra Ki kahani | पंचतंत्र की कहानी | Kahani |Moorkh Bandar Ki Kahani

शिकारी साँप और चीटियाँ – पंचतंत्र की कहानी

एक जंगल में सारे पशु-पक्षी और जानवर ख़ुशी-ख़ुशी रहते थे। एक दिन एक साफ़ आया और फिर उन जानवरों की ख़ुशियाँ दूर होने लगी। वो साँप पक्षियों के घोंसले ढूँढता और मौक़ा पाकर उनके अंडे और चूज़े खा जाता था। छोटे जानवरों से बच्चे भी वो खाने लगा था।

साँप अपने लिए एक पेड़ में बिल बना कर रहता था। सब पशु-पक्षी अब परेशान हो गए थे। उनको कुछ समझ में नही आ रहा था। क्योंकि साँप दिन में अपने बिल में सोता था और अंधेरी रात में शिकार करता था। उसे कोई जानवर पकड़ नही पाया था।

साँप शिकार खाने के बाद चुपचाप वापस लौट कर अपने बिल में सो जाता था। जंगल में हर तरफ़ अफ़रा-तफ़री जैसा माहौल होने लगा। धीरे-धीरे साँप भी बड़ा हो रहा था। अब उसके बिल में इतनी जगह नही थी कि बड़ा हो रहा साँप आसानी से रह सके।

फिर वो साँप अपने नए घर के लिए योजना बनाता है। वो घूमते-फिरते एक बड़े से बरगद के पेड़ के पास जाता है जहां पर चींटियाँ रहती थी। साँप चींटियों को वहाँ से चले जाने के लिए कहता था ताकि वो अपना नया घर इस बरगद के पेड़ को बना सके। लेकिन चींटियों की रानी से अपनी सेना को आदेश दिया की कोई यह जगह छोड़ कर नही जाएगा बल्कि हम एक साथ होकर मुक़ाबला करेंगे।

जब साँप उन पर हमला करने के लिए आगे बढ़ने लगा तो सभी चींटियाँ एक साथ उस साँप से भिड जाती हैं और उसे काट-काट के घायल कर देती है। अब बेचारा साँप दर्द के मारे तड़प रहा था। दर्द से कराहता वो अपनी जान छुड़ा कर वहाँ से रफ़ूचक्कर हो गया और फिर कभी वापस नही आया।

इस Panchatantra Stories in Hindi (पंचतंत्र की कहानी) से हमें एक में ही बल है की सीख मिलती है। अगर दूसरे पशु-पक्षियों की तरफ़ चीटियाँ भी साँप से डर जाती तो उन्हें अपना घर छोड़ कर जाना पड़ता क्योंकि दूसरे पशु-पक्षी तो एक साथ आकर शिकारी को पकड़ने कि योजना तक नही बनाए थे। जबकि चीटियाँ एक साथ मिलकर साँप का सामना किया और उसे वहाँ से भगा दिया।

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