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जन्मदिन की पार्टी में दो सिर वाली चुड़ैल – चुड़ैल की कहानियाँ ॰ Two Headed Witch at Birthday Party – Witch Tales in Hindi

Chudail Ki KahaniWitch Tales in Hindi ॰ जन्मदिन की पार्टी में दो सिर वाली चुड़ैलचुड़ैल की कहानी

मेरा नाम रितेश है, मैं गुजरात में अरावली जिले के छोटे से गाँव बटकोटा का रहने वाला हूँ। कॉलेज के दिनों से ही मेरी दिलचस्पी फ़ोटोग्राफ़ी में थी इसलिए मैं अब फ़ोटोग्राफ़ी का काम करता हूँ। मेरा पूरा परिवार कई साल पहले शहर में शिफ़्ट हो चुका था। आज मैं जिस दो सिर वाली चुड़ैल की कहानी आपको बताने वाला हूँ, वो उस समय की है जब मैंने अरावली शहर के एक नामी स्टूडियो में काम करना शुरू ही किया था।

स्टूडियो में काम करने के कुछ समय बाद ही मैंने अपना कैमरा ले लिया और फ़ोटोग्राफ़ी और विडीयोग्राफ़ी के लिए पर्सनल बुकिंग भी लेने लगा था। एक दिन मेरे भाई के दोस्त के यहाँ जन्मदिन की पार्टी थी, तो मेरे भाई ने मुझे वहाँ का फ़ोटोग्राफ़ी का काम दिलवा दिया। उसमें मुझे अपनी पेमेंट के साथ ट्रैवल ख़र्च भी मिल रहा था तो मैंने तुरंत हाँ कर दी।

सिर्फ़ एक दिक्कत थी की जहाँ से बुकिंग मिली थी वो शहर से 15 किलोमीटर दूर एक कस्वा था। इसलिए वहाँ रात में रुकने का कोई इंतेजाम नही था जबकि रात 12 बजे तक पार्टी चलनी थी, इसलिए मैं काम ख़त्म होने के बाद वापस आने का फैसला किया था। लेकिन आगे मेरे साथ कुछ ऐसी डरावनी घटनाएँ हुई जिसके बारे में सोच कर आज भी मेरी रूह काँप जाती है।

Two Headed Witch - Chudail Ki Kahani Horror Story in Hindi
Two Headed Witch – Chudail Ki Kahani Horror Story in Hindi

जन्मदिन की पार्टी रात 8 बजे से शुरू होनी वाली थी, इसलिए मै अपना कैमरा लेकर शाम को 7:15 मे उनके घर पहुँच गया। उसके बाद मैंने अपना कैमरा सेट किया और पार्टी शुरू होते ही फोटोग्राफी करना चालू कर दिया। लगभग 15-20 मिनट हुए थे की अचानक मेरी नज़र एक लड़की पर पड़ी, जो देखने में बहुत खूबसूरत लग रही थी उसके सुनहरे घने बाल और उसकी नीली आँखें किसी पत्थर दिल वाले को भी पिघला दें।

जैसे ही मैंने उसकी तरफ़ देखा तो उसने मुझे पार्टी वाले हॉल से बाहर आने को बोली। मैंने सोचा कोई काम होगा इसलिए मैंने उसे अपना कैमरा दिखाया और बोला 5 मिनट रुकिए आ रहा हूँ। कुछ देर बाद मैं उस लड़की को खोजने के लिए इधर-उधर भटक रहा था, कि तभी अचानक घर के बाहर वो मुझे दिखाई दी।

मैं तुरंत उसके पास गया और उससे पूछा – जी! आपने मुझे बुलाया था। मैं इतना बोला ही था की मेरी नज़र उसके चेहरे पड़ पड़ी तो देखा तो बहुत ग़ुस्से में थी, जहाँ हम खड़े तो वहाँ पर रोशनी कम थी इसलिए उसका चेहरा साफ़ नही दिख रहा था लेकिन ऐसा लग रहा था मानो लाल हो और उसकी आँखें जो पहले नीली ख़ूबसूरत थी अब सुर्ख़ लाल डरावनी हो गई थी।

मै सोचा मेरे ना आने की वजह से ग़ुस्सा होगी, इसलिए सॉरी बोला और बताया की मुझे सबकी फ़ोटो खीचनी थी, इसलिए नही आ पाया।
उसके बाद मैंने उसे अंदर चलने के लिए बोला। और पूछा – आप यहाँ क्यूँ खड़ी हैं? अंदर चलिए।

कुछ देर तक वो मुझे अपनी लाल डरावनी आँखों पर चेहरे पर ग़ुस्से के साथ एक टक घूरती रही। फिर उसने मुझे पास ही में झाड़ी की ओर जाने का इशारा किया। मैंने मना करके उसको बोला अंदर चलिए। तो आग बबूला हो गई। उसने मुझे अपने हाथ के इशारे से लौट जाने को कहा। इतना कह कर वो झाड़ी की ओर चली गई। मैंने सोचा ये इतनी रात में झाड़ी की ओर क्यों जा रही है, तो मैं भी उसके पीछे-पीछे चला गया। अब आगे जो होने वाला था उसको देख कर मेरी रूह भी काँप गई थी।

कुछ आगे बढ़ा ही था के मेरे साथ घना काला अंधेरा छाने लगा। मैं बहुत डर गया था और अब मै पीछे की ओर मुड़ भागने ही वाला था कि ऐसा लगा मानो मुझे कोई पीछे से खींच रहा हो। मैं डर के मारे ज़ोर से चिल्लाना चाहा – बचाओ, बचाओ। लेकिन ना जाने कैसे मेरे गले से आवाज़ ही नही निकल रही थी। मैं अपनी मौत को क़रीब देख मेरी रूह तक काँप गई।

कुछ पल बाद ही मुझे पीछे की ओर खींचना बंद हुआ तो मै उठा और इधर-उधर देखने लगा। इतने में मेरी नज़र पास में पड़े पत्थरों के ढेर पर गई तो वहाँ मुझे दो लोग दिख रहे थे, एक लड़की जिससे मैंने कुछ समय पहले बात की थी वो और एक लड़का। वो पत्थर ऐसे रखे थे मानो किसी को वहाँ पर दफ़नाया गया हो। उन दोनों के आस पास काला धुँआ उठ रहा था। और दोनों की आँखें बिल्कुल लाल थी।

अब मुझे थोड़ा-थोड़ा समझ में आने लगा था की शायद ये भूत हैं। मैंने वहाँ से फिर भागने की नाकाम कोशिश किया। कुछ ही पल बाद वो दोनों अचानक से ग़ायब हो गए और अब मेरे सामने एक डरावना विकराल रूप लिए एक भूत आया जिसके दो सिर थे। वो इतना भयानक था कि मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई। अब मैंने अपने आप को शून्य महसूस कर रहा था, मेरी सांसें भी रुकने लगी थी। उस रूह के दोनों सिर ख़ून से लथपथ थे।

उससे भयानक डरावनी कराहने की आवाज़ आ रही थी। मैं कुछ समझ पाता की उसी रास्ते में आती हुई बाइक की आवाज़ सुन मैं सोचा शायद अब मैं बच सकता हूँ तो अचानक मै पीछे मुड़कर भागने लगा। जब वो बाइक मेरे पास आकर रुकी तब मैंने राहत की साँस ली। मैं कुछ बोल पता कि उससे पहले ही बाइक चले रहे युवक ने पूछ लिया – झाड़ी में क्या कर रहे थे?

मैं लड़की वाली बात बात कर मुसीबत मोल नही लेना चाहता था, इसलिए चुप रहा। तभी बाइक में पीछे बैठा युवक उतरा और मुझे ज़ोर का चांटा जड़ दिया। फिर वो मुझे पकड़ कर पार्टी वाले हाल में ले गए और पार्टी करवाने वाले से बोल दिया ये झाड़ी में गया था, बता भी नही रहा – वहाँ क्या कर रहा था।

उसके बाद उस आदमी ने भी मुझे एक ज़ोरदार तमाचा जड़ दिया और बोला दोबारा यहाँ कभी मत आना फ़ोटो देने भी नही आना। उन लोगों ने मुझे मेरे पैसे दिए और तुरंत वहाँ से वापस चले जाने को कहा। वहाँ से तो मैं चुपचाप निकल लिया लेकिन कुछ पल बाद मेरे दिमाग़ में कुछ अजीब से सवाल आए? आख़िर वो लड़की कौन थी? क्या वो मुझे कुछ बताना चाहती थी? ऐसे ही कई सवाल मेरे जहन में घूम रहे थे।

ऐसे ही सवाल लिए मैं वहाँ से सीधा पास के पुलिस थाने पहुँच गया। वहाँ पर 4-5 पुलिस वाले बैठे थे, तो मैंने उनके पास जाकर पूरी कहानी बताई। तो वो सब हसने लगे। कुछ पल बाद उनमे से एक पुलिस वाला जो वहाँ 2-3 साल से था ने बताया की आप जिस घर में गए थे उन्होंने 6-7 महीने पहले अपनी बेटी की मिसिंग रिपोर्ट लिखवाई थी, लेकिन आज तक वो नही मिली। साथ ही गाँव के ही दूसरे परिवार ने एक लड़के की भी मिसिंग रिपोर्ट लिखवाई थी, वो भी नही मिला। ये दोनों मिसिंग रिपोर्ट इस गाँव की पहली रिपोर्ट थी।

शायद वो दोनों साथ में कहीं चले गयें हो। फिर वो फ़ाइलों के ढेर से उन दोनों रिपोर्ट को खोज कर लाया और लड़की की फ़ोटो दिखाई। जैसे ही मैंने उस फ़ोटो को देखा तो मेरे होश उड़ गए। मैंने उनसे बताया की हाँ यही लड़की थी। तभी उस पुलिस वाले ने तुरंत थाना प्रभारी को फ़ोन लगाकर सारी बात बता दी।

थाना प्रभारी ने तुरंत मेरे साथ 2-3 पुलिस वालों को उस स्थान पर भेज कर पत्थरों वाली जगह पर ख़ुदवाने के लिए बोल दिया। मेरे साथ 2 मज़दूर और 3 पुलिस वाले वहाँ पहुचें तो मैंने उन्हें झाड़ी में उस स्थान के बारे में बताया। फिर पुलिस वालों ने उस घर के मालिक से उस जगह के बारे में पूछा तो वो बोला – उसे इसके बारे में कुछ पता नही।

तभी पुलिस वालों ने लाइट की व्यवस्था करके वहाँ पर खुदाई करवाई तो 2-3 फुट ही खुदाई हुई थी कि हड्डियाँ दिखाई दी। फिर जब उस जगह को साफ़ किया गया तो तो नर कंकाल मिले। उसके बाद पुलिस ने मेडिकल टीम बुलवा कर सभी हड्डियों को इकट्ठा किया और टेस्टिंग कि लिए मेडिकल टीम ने मिसिंग रिपोर्ट लिखवाने वालों का DNA सैम्पल कलेक्ट किया और अपने साथ लाई मशीन से DNA टेस्ट करने लगे। लगभग 30 मिनट में DNA रिपोर्ट आई तो वहाँ खड़े सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। सब आपस में बड़बड़ाने लगे।

DNA रिपोर्ट में दोनों नर कंकाल का DNA उनके माता-पिता से मिल रहा था। इसके बाद पुलिस वालों ने पूरी बात अपने सीनियर को बताई तो 15-20 और पुलिस वालों को भेज दिए। उसके बाद जिस जगह पर वो झाड़ी थी उसके मालिक और परिवार वालों से पुलिस वालों ने सख़्ती से पूछताछ की तो जो सच सामने आया उसको जान कर सबकी रूह काँप गई।

उस घर के मालिक की बेटी एक लड़के से प्रेम करती थी, जो उसके परिवार को मंजूर नही था। इसलिए दोनों को मार कर उस जगह में दफ़ना दिए थे। उसके बाद मिसिंग रिपोर्ट लिखवा दी थी, ताकि किसी को उन पर शक ना हो। अब दोनों की आत्माएँ उसी जगह पर दो सिर और एक धड़ के साथ रात को भटकती रहती थी। उस जगह पर आए दिन कोई ना कोई पक्षी – जानवर मरा मिलता था।

सच जानने के बाद पुलिस ने सभी को गिरफ़्तार कर लिया। मैं कुछ पल वही खड़ा सोच रहा था कि शायद वो लड़की मुझसे मदद माँग रही थी, तभी अचानक से दोनों की रूह मेरे सामने थी, उनको देख कर अब डर नही लग रहा था क्योंकि वो दोनों अब डरवाने नही दिख रहे थे बल्कि दोनों मुस्कुरा रहे थे। उनकी मुस्कुराहट शायद मेरी शंका को सच कर दी कि वो मेरे से मदद माँग रही थी।

अगले दिन पुलिस वालों ने दोनों की अस्थियों का विधि-विधान से परिवार वालों के सामने अंतिम संस्कार करवा दिया। उसके बाद से कहा जाता है कि उन दोनों की रूहें कभी भी गाँव में नही देखी गई।

दोस्तो, यह थी आज कि दो सिर वाली चुड़ैल की कहानी (Two Headed WitchWitch Tales in Hindi) हमें उम्मीद है आपको यह कहानी पसंद आएगी। अगर आपको हमारी यह दो सिर वाली चुड़ैल की कहानी (Real Chudail Story in Hindi) पसंद आई हो, तो इसे सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, Twitter, WhatsApp, Koo, Telegram इत्यादि में अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें।

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अब मैं शिवानी मिश्रा, इस डरावनी चुड़ैल की कहानी को समाप्त करती हूँ और कहानी को पढ़ने के लिए आपको धन्यवाद करती हूँ! ऐसी ही कुछ और हिंदी कहानियाँ (Hindi Kahaniyan) पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें – Stories in Hindi.

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