Alien Stories

क्या वो एलियन थे – एलियन की कहानी हिंदी में ॰ Were They Aliens – Alien Stories in Hindi ॰ Alien Ki Kahani

Alien Stories in Hindi – Were They Aliens (क्या वो एलियन थे – एलियन की कहानीAlien Ki Kahani) :-

नीरज विजयपुर नामक गाँव में अपने माता-पिता और अपने 8 भाई-बहनों के साथ बड़ा हुआ था। गाँव में उसके परिवार के बहुत बड़े-बड़े खेत थे। नीरज अपने दोस्तो और भाइयों के साथ अक्सर पास के जंगल में अपनी गाय-भैंस ले जाया करता था। एक दिन वो ऐसी जगह चले गए, जहाँ पर जाना प्रतिबंधित था। हालाँकि वो ज़मीन भी उसके परिवार की थी, लेकिन उसके दादा-परदादा ने वहाँ जाने पर प्रतिबंधित लगा दिए थे।

वहाँ कोई नही जाता था। वो ज़मीन एक पहाड़ की तरह काफ़ी ऊँची थी। नीरज अपनी गाय-भैंस को देखने के लिए उस प्रतिबंधित पहाड़ के ऊपर चला गया था। यह पहाड़ एक त्रिकोण की तरह था, जहाँ से दूर-दूर तक देखा जा सकता था।

Were They Aliens - Alien Stories in Hindi
Were They Aliens – Alien Stories in Hindi

1940 के दशक में एक गर्मियों में, नीरज के भाइयों को एक भयानक डरावना दृश्य दिखाई दिया। वहाँ जमीन पर तीन मृत गायों को एक घेरे में बड़े तरीक़े से व्यवस्थित किया गया था। उनमे कोई स्पष्ट घाव दिखाई नहीं दे रहे थे, लेकिन उनके प्रजनन अंग ग़ायब थे फिर भी वहाँ पर खून दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उनके प्रजनन अंगों को सर्जरी करके हटा दिया हो।

इसी दौरान देश में एलियंस के बार में काफ़ी हो हल्ला हो रहा था और स्थानीय समाचार पत्रों में लिखे गए लेखों में भी यही माना गया था कि एलियंस हैं या फिर कोई अलौकिक शक्ति है। जब लोगों को नीरज के गायों की ऐसी हालत के बारे में पता चला तो कई तरह की बातें होने लगी।

स्थानीय लोग सोचने लगे कि एलियंस प्रजनन अंगों को परीक्षण के लिए ले गए होंगे। लेकिन एक दिन, नीरज और उसके दोस्तों को उनके रास्ते में एक पोस्टर मिला। इसके साथ एक धमकी भरा संदेश वाला एक गुप्त नोट था। उन्होंने सोचा, यह ऐसा करने वाले लोग होंगे। लेकिन ये पूरी तरह सच नही था।

तब चीजें वाकई अजीब हो गईं। अगले कुछ दिनों में, अजीब घटनाओं की एक श्रृंखला सामने आई। सबसे पहले, नीरज के पड़ोसी धीरज के साथ एक घटना घटी। वो स्थानीय ग्राउंड के पास रुके और अपने घोड़ों को एक स्टॉक ट्रैक (घोड़ों को बाधने की बाड़) के अंदर अच्छी तरह से बाँध दिया और बाड़ को बंद कर दिया। घोड़ों को कसकर बांधा गया था।

इसके बाद धीरज कुछ ही मिनटों के लिए वहाँ से दूर गए थे। जब वे वापस आए, तो बाड़ के अंदर बांधा गया घोड़ा रहस्यमय तरीके से बाहर था – संघर्ष/ लड़ाई के भी कोई संकेत नहीं थे। घोड़े की रस्सी खुली हुई थी, और बाड़ भी खुली थी। जबकि वहाँ कोई आस पास कोई इंसान नही था।

अगले दिन, उसी ग्राउंड पर एक आदमी अपने घोड़े से गिर गया और बुरी तरह घायल हो गया। वो कई लोगों के साथ घोड़ों की सवारी कर रह था, लेकिन दूसरे लोगों ने दुर्घटना नहीं देखी थी, जबकि वो आगे चल रहा था। यह सबसे अजीब बात थी। उस आदमी की चोटें इतनी गंभीर थीं कि वह स्थायी रूप से अक्षम हो गया था। उसके सिर में गहरी चोट लगी थी, साथ ही हाथ और पैर टूट गए थे।

इसके बाद एक भयानक बात हुई। एक पुराने कैंप का रसोइया अपने भाइयों से मिलने और एक दिन अपने घोड़े से निकला। लेकिन जब वहाँ से जाने वाला था, तो कुछ दूर जाने के बाद वह अपने घोड़े के साथ एक ट्रक पर चढ गया, लेकिन वो कुछ देर बाद ही अचानक उस ट्रक से अपने घोड़े के साथ गिर गया। वह ट्रक के पीछे घसीटता रहा और ट्रक ड्राइवर की इसकी जानकारी भी नही हुई।

एक और घटना हुई जहाँ पर एक बर्फ से ढके मैदान में एक बैल पड़ा हुआ था। लेकिन उसकी लाश पर कोई गोली के छेद या दांतों के निशान या खरोंच के निशान नहीं थे। यहां तक कि जानवरों और पक्षियों ने भी इसे छुआ तक नहीं था। भेड़िया या चील भी नहीं, जो वास्तव में असामान्य है। उनमे एक अजीब बात थी – बैल के भी प्रजनन अंग ग़ायब थे। और उसके चारों ओर बर्फ में एक भी पदचिह्न नहीं था।

नीरज और उसके गाँव वाले इस घटना को एलियंस से जोड़ कर देखते हैं। हालाँकि इसका कोई पुख़्ता सबूत तो नही है, लेकिन इस तरह की असामान्य घटनाएँ हमें ज़रूर अचंभित करती हैं। क्या उस गाँव में एलियंस आए थे या फिर किसी इंसान के द्वारा ये सब किया जा रहा था, जहाँ तक इंसान की बात है तो अगर इंसान होता तो किसी ना किसी को ज़रूर दिखता लेकिन पशुओं के प्रजनन अंग का ग़ायब होना उससे भी बड़ी अजीब बात थी। ख़ैर जो भी रहा हो चाहे एलियंस या इंसान। आज तक इसका कोई प्रमाण नही मिला ना ही इन घटनाओं के बारे में ज़्यादा जानकारी मिल पाई।

दोस्तो, यह थी आज कि क्या वो एलियन थे – एलियन की कहानी हिंदी में (Were They Aliens – Alien Stories in Hindi), हमें उम्मीद है आपको यह कहानी पसंद आएगी। अगर आपको हमारी यह क्या वो एलियन थे – एलियन की कहानी (Alien Ki Kahani) पसंद आई हो, तो इसे सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, Twitter, WhatsApp, Koo, Telegram इत्यादि में अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें।

नई हिंदी कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज – “हिंदी कहानियाँ” को लाइक और फ़ॉलो करें। साथ में अपने दोस्तों को भी Invite करके पेज को लाइक और फ़ॉलो करने को कहें। अब मैं शिवानी मिश्रा, इस कहानी को समाप्त करती हूँ और इस कहानी को पढ़ने के लिए आपको धन्यवाद करती हूँ! ऐसी ही कुछ और हिंदी कहानियाँ (Hindi Kahaniyan) पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें – Kahaniyan.

कहानीकार Ⓒ ⓇDinesh Singh
लेखक और संपादकशिवानी मिश्रा
Ⓒ Copyright & All Rights Reserved ⓇHinduAlert

Leave a Reply